वर्ना मुझ जैसे शख्स में इतनी खामोशी कहां थी….!
सोचू तो बिखर जाऊं, ना सोचूं तो किधर जाऊं…!
बस बदले में एक इंसान की सच्चाई मिलनी मुश्किल थी।
और फिर एक दिन बैठे बैठे मुझे अपनी दुनियां बुरी लग गई,
यु न खिल खिल के हँसा कर उदास लोगो पे ऐ दोस्त,
यहां सीने से लगाकर, लोग दिल निकाल लेते है…!
अगर तुम्हे खुशी मिलती है, हमसे बात ना करके,
जिसे जान से ज़्यादा चाहो… वही ज़रूर रुलाता है।
दर्द मुझको ढूंढ लेता है, रोक Sad Shayari in Hindi नए बहाने से,
आज जो तुम्हारा है… कल किसी और का इंतज़ार हो सकता है।
लड़के दर्द दिल में दबाकर जीते रहते हैं।
हम भी अब खुद को छोड़कर किसी को पसंद नहीं करते।
इन ज़ख़्मों से, इन सवालों से बहुत दूर हो जाऊँ…
और फिर भी वो हमसे ही विश्वास की बातें करते रहे।